बड़ी मुश्किल से पाया हूँ, तुम्हें अब खो नहीं सकता। तुम्हारा हो गया हूँ अब, किसी का हो नहीं सकता। मेरे हृदय में तो बस, तुम्हारा ही रूप बसता हैं। निकल जाओ तुम मेरे दिल से, कभी ये हो नहीं सकता।। - इंजीनियर राजन सोनी
कोई मशहूर होता है, कोई मजबूर होता है। कोई पाकर के हंसता है,कोई पाकर के रोता है। इश्क के तालीम में सब पास नहीं होते, कोई रांझा बनता है, तो कोई हीर होता है। - इंजीनियर राजन सोनी
मेरे हिस्से की चीज,दूसरे को दे रहे हो। वफा कर रहे हो मुझसे, य दगा दे रहे हो। बहुत हो चुका ये खेल अब प्रिए बता भी दो तुम किस बात की, मुझे सजा दे रहे हो।