माँ की महिमा Er. Rajan Soni
माँ की महिमा न्यारी जग में,
माँ हैं सबसे प्यारी जग में
मां ने हमको दूध पिलाया,
गोदी में लेकर हमें खिलाया।
सर्दी गर्मी से हमें बचाया,
खुद भूखे रहकर के भी
अपना निवाला हमें खिलाया।
माँ है बड़ी उपकारी जग में
मां की महिमा न्यारी जग में।
प्रातः काल में हमें उठाती,
धीरे से अपने गले लगाती।
नहला कर हमको तैयार कराती
चंदन टीका हमें लगाती
प्रेम से अपने पास बुलाकर
हाथों से अपने हमें खिलाती,
माँ है बड़ी सुखकारी जग में,
मां की महिमा न्यारी जग में।
छोटी-छोटी बातों पर,
माँ से हम रूठा करते थे
झूठ मूठ कोने में जब,
सिसकियां भरते थे
प्रेम की मूरत मां को देखो,
पास हमारे आती थी
लेकर हमको गोद में अपने
बड़े स्नेह से हमको मनाती थी।
माँ है दुखहरनी जग में
मां की महिमा न्यारी जग में।
*इंजी.राजन सोनी*"निर्मय"
अम्बेडकर नगर,उत्तर प्रदेश
सम्पर्क सूत्र:- 8601240597
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