प्यारा सावन Er. Rajan Soni

 मैं तुमको रिझाने चला आऊँगा,

हृदय से लगाने चला आऊँगा।

अगर रूठ जाओ कभी तुम मुझसे,

तुम्हें फिर मनाने चला आऊँगा।

तुम्हारी खुशी में ही खुशियाँ मेरी,

ये एहसास दिलाने चला आऊँगा।

जो बातें अधूरी रह गईं हैं कहीं,

वो सारी सुनाने चला आऊँगा। 


✍️ इंजीनियर राजन सोनी 

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