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बरसात Er. Rajan Soni

 हुई बरसात सावन में, उमंगें खिल गईं फिर से, बुझी-सी थी जो दिल में, वो तरंगें मिल गईं फिर से। घटा छाई, फुहारें आईं, महक उठा ये सारा मन, पुरानी यादों की गलियों में, खुशियाँ मिल गईं फिर से। 🌧️ ✍️इंजीनियर राजन सोनी 

मिले जो नैन उनसे तो Er. Rajan Soni

  मिले जो नैन उनसे तो, बगावत कर ही बैठे हैं, मिले वो हमसे तो शिकायत कर ही बैठे हैं। न जाने क्या असर है उनकी एक मुस्कान का, हम अपने दिल से उनकी वकालत कर ही बैठे हैं। निगाहें जब मिलीं उनसे, तो दिल का हाल खुलने लगा, छुपाया था जिसे बरसों, वही एहसास खिलने लगा। वो पूछते रहे हमसे, “क्यों इतने खामोश रहते हो?” हम उनकी एक अदा पर ही, मोहब्बत कर ही बैठे हैं। हमें मालूम था मुश्किल है राह-ए-इश्क़ में चलना, मगर उनके लिए हर दर्द भी मंजूर था सहना। वो मिले तो जिंदगी को एक नया मतलब मिला, हम अपनी हर खुशी उनकी बदौलत कर ही बैठे हैं। इंजीनियर राजन सोनी

लेखक की कुछ अनुभूति Er. Rajan Soni

लेखक की कुछ अनुभूति, इंजीनियर राजन सोनी 'निर्मय' एम्बेडेड सिस्टम्स इंजीनियर | कवि एवं साहित्यकार 📍 मूल निवासी: अम्बेडकर नगर, उत्तर प्रदेश 🌐 अंतर्राष्ट्रीय सम्मान (International Awards) 1. मातृभाषा रत्न मानद उपाधि सम्मान (2026) शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन (काठमांडू, नेपाल) द्वारा 'अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस' (21 फरवरी 2026) के अवसर पर मातृभाषा सेवा हेतु अलंकृत। काठमांडू, नेपाल 2. हिंदी काव्य रत्न मानद उपाधि सम्मान (2024) शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन, नेपाल द्वारा आयोजित 'हिंदी दिवस अंतर्राष्ट्रीय कविता प्रतियोगिता 2024' (लुंबिनी) में उत्कृष्ट रचना हेतु सम्मानित। लुंबिनी, नेपाल 🎖️ राष्ट्रीय सम्मान एवं पुरस्कार (National Awards) 1. मानसरोवर काव्य गौरव सम्मान (2026) मानसरोवर साहित्य अकादमी, राजस्थान के चतुर्थ वार्षिकोत्सव (24 मई 2026) पर अनवरत काव्य सृजन एवं साह...

वीर सपूत हिंदुस्तानी Er. Rajan Soni

लड़ी लड़ाई मरते दम तक, फिर भी हार न माने थे। हो गए शहीद वतन के खातिर, वो भारत माँ के दीवाने थे। सीने पर गोलियाँ खाकर भी, हँसते-हँसते बलिदान दिए। माटी का कर्ज़ चुकाने को, अपने प्राणों के दान दिए। फाँसी के फंदे चूम लिए, पर देश का मान न झुकने दिया। आँखों में आज़ादी का सपना था, उस सपने को मरने न दिया। सर कटा दिया भारत माता पर, पर तिरंगा झुकने न दिया। अपना सब कुछ देश को देकर, भारत का वर्चस्व धूमिल न होने दिया। आज उन्हीं के बलिदानों से, आज़ादी का सूरज आया है। उन वीरों की कुर्बानी ने, भारत का गौरव बढ़ाया है। जब तक सूरज-चाँद रहेगा, अमर रहेगी उनकी कहानी। उनके त्याग को याद रखेंगे, वीर सपूत हिंदुस्तानी।। 🇮🇳 जय हिंद! वंदे मातरम्! 🇮🇳 © इंजीनियर राजन सोनी — सर्वाधिकार सुरक्षित

सावन में Er. Rajan Soni

  कहीं हैं व्रत रखते तो कहीं जल चढ़ाते सावन में, कहीं शिव को मनाते तो कहीं गीत गाते सावन में। बम-बम भोले की गूँज से महक उठता है हर आँगन, हर दिल में प्रेम जगाते हैं भोलेनाथ सावन में।। ✍️ इंजीनियर राजन सोनी 

मैं धन्य हो गया Er. Rajan Soni

 पाकर प्रेम तेरा मैं धन्य हो गया, सूना पड़ा जीवन भी मधुवन हो गया। तेरे स्नेह की वर्षा जो बरसी इस तरह से, मन का हर सूखा कोना सावन हो गया। ✍️ इंजी. राजन सोनी

कर प्रीत मैने तुमसे Er. Rajan Soni

 कर प्रीत मैंने तुमसे सपना साकार कर लिया है, मेरे प्रभु ने मुझ पर बड़ा उपकार कर दिया है। तेरी मुस्कान से महका मेरे हृदय का कोमल उपवन, पाकर तेरा प्रेम मैंने जीवन गुलज़ार कर लिया है। तेरी आँखों में जब-जब मैंने अपना संसार देखा, हर दुआ में बस तेरा ही स्नेह अपार देखा। माँगा था जिसे बरसों से मैंने अपने प्रभु से, तुझमें ही उस हर प्रार्थना का साकार रूप देखा। ✍️ इंजीनयर राजन सोनी