अभियंता दिवस (इंजीनियर्स डे विशेष) Er. Rajan Soni

 



पहले पैदल चलते थे, पहिए की खोज किया अभियंता ने।

मिट्टी वाला घर थे जितने, उसको महल बनाया अभियंता ने।

हल, कुदाल से खेती करते, तनिक देर भी चैन की सांस न लेते।

ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, और थ्रेसर का आविष्कार किया अभियंता ने।

 हाथों से कपड़े बुनते थे, एक ही रंग में सनते थे,

 हथकरघा और विभिन्न यंत्रों को ढूंढ निकाला अभियंता ने।

पंखा, कूलर, फ्रिज और टीवी, विभिन्न प्रकार के यन्त्र जो हैवी,

जल, थल को खंगाल रहे जो, आवश्यकताओं को साकार रहे वो,

दूरदर्शन और संगणक का भी अविष्कार किया अभियंता ने।

 चिट्ठी का इंतज़ार था लंबा, संदेशों का जाल बिछाया अभियंता ने।

 सात समुंदर पार की बात को, पल भर में पहुँचाया अभियंता ने।

नदियों पर पुल सजाए, ऊँची मीनारें बनाई,

धरती से अंबर तक का फासला घटाया अभियंता ने।

 राष्ट्र के नव-निर्माण में अपना सर्वस्व लगाया,

विकसित भारत का सपना साकार किया अभियंता ने।


✍️ इंजीनियर राजन सोनी 

अम्बेडकर नगर, उत्तर प्रदेश

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कोई संग नहीं है Er. Rajan Soni

हिंदी की महिमा Er. Rajan Soni