हमारा नहीं हुआ Er. Rajan Soni

 उसने ये सोचा कि अब शख़्स ये हमारा नहीं हुआ,

जिसे अपना समझा था, वो हमारा नहीं हुआ।

हम तो उम्रभर उसके साथ चलने को तैयार थे,

मगर उसके दिल में कभी हमारा बसेरा नहीं हुआ।।


✍️इंजीनियर साहब

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कोई संग नहीं है Er. Rajan Soni

हिंदी की महिमा Er. Rajan Soni